Patanjal Yog Sutra in Hindi-Principles of Yoga explained by Swami Vivekananda

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Patanjal Yog Sutra in Hindi-Principles of Yoga explained by Swami Vivekananda

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Title
Patanjal Yog Sutra in Hindi-Principles of Yoga explained by Swami Vivekananda
Author:
Language: English  Hindi  Bengali
Pages: 235
Price
brand eBook, Paperback
Generic Name : book
Dimensions : 8.00 X 5.00 inch
Item Weight: 399 g
Country of Origin: India
list price 325.00 sale price: 325.00
Keywords #Patanjal #Yog #Sutra #HindiPrinciples #Yoga #explained #Swami #Vivekananda

Description

महर्षि पतंजलि योग को चित्तवृत्ति निरोध मानते हैं जिसका निरोध तो समाधि में ही सम्भव है । अतः योग को समाधि भी कहा गया है । पातंजल योगसूत्र में चार पाद समाधिपाद, साधनापाद, विभूतिपाद और कैवल्यपाद हैं । महर्षि पतंजलि का मानना है कि मुक्ति के लिए क्रियायोग भी उतना ही समर्थ साधन है जितना की ज्ञान का मार्ग । उनकी नजर में क्रियायोग के बिना न तो क्लेश मिटेगा और न समाध् िका लाभ ही मिलेगा । क्रियायोग के द्वारा ही चित्त को शुद्धकर योग के लिए उपयुक्त भूमि तैयार की जा सकती हैै । इस पुस्तक में स्वामी विवेकानन्द द्वारा पतंजलि के ‘पातंजल योगसूत्र’ की व्याख्या की गयी है । मूल संस्कृत सूत्र, सूत्रार्थ भी प्रस्तुत किया गया है । परिशिष्ट के रूप में योग के विषय में अन्य-अन्य शास्त्रों यथा श्वेताश्वतरोपनिषद, शंकर उद्धृत याज्ञवल्क्य, सांख्य प्रवचन सूत्रा एवं व्यास सूत्र के मत भी सम्मिलित किए गये हैं ।


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